सेहत

सिर्फ पोलियो ड्रॉप्स नहीं, IPV वैक्सीन भी है जरूरी, डॉक्टर से जानें बच्चे को दोनों क्यों दिलाना है जरूरी

पल्स पोलियो अभियान के दौरान बच्चे को पोलयो की दो बूंदें पिलवा दीं, तो क्या अब उसे पोलियो वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं है? कई पेरेंट्स के मन में ये सवाल रहता है. हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि पोलियो से मजबूत सुरक्षा के

किस विटामिन की कमी से आंख फड़कती है?

जब हमारी आंख फड़कती है, तो सबसे पहले दिमाग में एक बात आती है वो है इसका शुभ या अशुभ होना. क्योंकि बचपन से ही हम यही सुनते आए हैं. भारतीय समाज में तो दाएं-बाएं आंख के फड़कने को लेकर तरह-तरह की बातें कही जाती हैं. लेकिन सच यह है कि मेडिकल साइंस में आंख फड़क

बार-बार भूल जाते हैं बातें, शरीर में इस विटामिन की कमी हो सकती है वजह

क्या आपके साथ भी ऐसा कभी या अक्सर होता है कि आप छोटी-छोटी बातों को भूल जाते हैं. अगर हां, तो इसकी वजह सिर्फ बढ़ती उम्र या तनाव नहीं, कई बार शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी दिमाग की कार्यक्षमता को प्रभावित करने लगती है. इनमें सबसे प्रमुख नाम विटाम

क्या एक खुराक काफी नहीं, 5 साल से कम उम्र के बच्चों को बार-बार पोलियो ड्रॉप्स पिलाना क्यों है बेहद जरूरी?

नई दिल्ली। पोलियो एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जो किसी भी बच्चे की जिंदगी को चंद दिनों में हमेशा के लिए बदल सकती है। एक हंसता-खेलता बच्चा अचानक मांसपेशियों की कमजोरी का शिकार हो सकता है और गंभीर मामलों में पैरालाइसिस भी हो सकता है, जो कभी ठीक नहीं होता। वर्

रोज खाते हैं जो नमक, क्या उससे मिल रहा है आयोडीन; सफेद, गुलाबी या सेंधा नमक, सेहत के लिए क्या है ज्यादा सही?

नई दिल्ली। हमारे खाने में कई ऐसी चीजें इस्तेमाल होती हैं, जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि सेहत पर भी गहरा प्रभाव डालती है। नमक इन्हीं में से एक है, जिसके बिना खाने की कल्पना तक करना मुश्किल है। खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ यह शरीर में आयोडीन

क्या उंगलियां चटकाने या ज्यादा फोन चलाने से हो सकता है गठिया? ऑर्थोपेडिक सर्जन ने बताई सच्चाई

नई दिल्ली। जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न और चलने-फिरने में तकलीफ- ये सभी अर्थराइटिस के आम लक्षण हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बीमारी हर किसी के लिए एक जैसी नहीं होती? जी हां, अर्थराइटिस कई तरह का होता है, इसलिए इसके लक्षणों को सही से समझना और सही जां

डार्क चॉकलेट से लेकर हल्दी तक: अपनी डाइट में शामिल करें 10 चीजें, शरीर में बढ़ाते हैं Happy Hormones

नई दिल्ली। सुबह की पहली मुस्कान से लेकर रात की सुकून भरी नींद तक, हमारी खुशी कई छोटे-छोटे पलों से बनती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन पलों को खास बनाने में आपकी थाली भी बड़ी भूमिका निभाती है? अक्सर हम खुशी को बाहरी हालात से जोड़ लेते हैं, जबकि असली राज

सूखी खांसी, थकान और सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलना? कहीं ये इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस तो नहीं?

कभी सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना, लगातार सूखी खांसी रहना या थोड़ी-सी शारीरिक गतिविधि के बाद थकान जाना आम समस्या लग सकती है। लेकिन अगर ये लक्षण धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं और लंबे समय से बने हुए हैं, तो इन्हें सिर्फ उम्र, मौसम, एलर्जी या कमजोरी मानकर नजरअंदाज क

वायरस को उसी के हथियार से मात देते हैं बैक्टीरिया! वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली। क्या आपको लगता है कि वायरस के हमलों के सामने बैक्टीरिया बिल्कुल बेबस होते हैं? अगर हां, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। असल में, बैक्टीरिया के पास खुद को बचाने का अपना एक शानदार इम्यून सिस्टम होता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च से पता चला है कि बैक्टीरि

न दर्द, न कोई परेशानी, फिर भी टूट सकती है हड्डी; ऑस्टियोपोरोसिस को क्यों कहते हैं साइलेंट बीमारी?

नई दिल्ली। डॉक्टर ऑस्टियोपोरोसिस को एक साइलेंट बीमारी कहते हैं और यह नाम इसपर सटीक भी बैठता है। हड्डियां समय के साथ अपनी मजबूती खोने लगती हैं और इसमें सबसे चिंता की बात यह है कि इसके कोई लक्षण भी नहीं दिखते। आप ठीक से चल रहे होते हैं,

शरीर दिखेगा बिल्कुल स्वस्थ, फिर भी अंदर पनप सकता है कैंसर! शुरुआती स्टेज में क्यों नहीं मिलते बीमारी के संकेत?

नई दिल्ली। कैंसर एक ऐसी जानलेवा बीमारी है, जिसमें सेल्स शरीर के अंदर धीरे-धीरे बनती और फैलती रहती हैं। अब क्योंकि यह बीमारी धीरे-धीरे फैलती है, तो आमतौर पर इसके शुरुआती स्टेज में लक्षण हमें पता नहीं चल पाते।  सामान्य तौर पर सेल्स कुछ इस तरह बनी हैं कि व

क्या उंगलियां चटकाने से होता है गठिया? ऑर्थोपेडिक डॉक्टर ने बताया पूरा सच

अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग उंगलियां चटकाने पर टोकते हैं और कहते हैं कि ऐसा करने से आगे चलकर गठिया (आर्थराइटिस) हो सकता है. कई लोगों के लिए उंगलियां चटकाना तनाव दूर करने या आराम महसूस करने का तरीका होता है, जबकि कुछ लोग अनजाने में यह आदत दोहराते रहते हैं. ले

ICU में BHMS डॉक्टर की मौजूदगी पर क्यों मचा विवाद? सूरत के हॉस्पिटल को लेकर डॉक्टर समुदाय ने उठाए सवाल

गुजरात के सूरत स्थित एक हॉस्पिटल से जुड़ा मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. कई डॉक्टरों और मेडिकल एक्सपर्ट्स ने एक वायरल वीडियो को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसमें एक BHMS (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) डिग्री धारक महिला डॉक्टर

Botox पर महिलाओं से ज्यादा खर्च कर रहे पुरुष? आखिर क्यों बढ़ रहा है Male Grooming का ट्रेंड?

बोटॉक्स एक ऐसा उपचार है, जो कुछ विशेष चेहरे की मांसपेशियों को अस्थायी रूप से रिलैक्स करके एक्सप्रेशन लाइन्स को कम करने में मदद करता है. हालांकि, यह उपचार हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है. इसका चुनाव व्यक्ति की त्वचा, चेहरे की बनावट, मेडिकल ह

ताकत, स्टैमिना और सेहत का खजाना सफेद मूसली, जानिए कैसे करें इसका सही तरीके से सेवन

आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां हैं जिन्हें स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. इन्हीं में से एक है सफेद मूसली (Safed Musli). इसे आयुर्वेद में एक शक्तिवर्धक और पुनर्योजी औषधि माना जाता है. सफेद मूसली का वैज्ञानिक नाम Chlorophytum borivilianum है

8 घंटे कुर्सी पर बैठकर काम और उठते ही घुटनों में अकड़न? आर्थोपेडिक सर्जन क्यों इसे मान रहे हैं बड़ा खतरा

अक्सर लोग सोचते हैं कि जब कोई भारी वजन नहीं उठाया या चोट नहीं लगी, तो जोड़ों में यह दर्द क्यों हो रहा है. आजकल 30-35 साल के कामकाजी लोगों में एक आम शिकायत तेजी से बढ़ रही है, दिनभर कुर्सी पर बैठकर काम करने के बाद जब शाम को

उम्र 44 साल, हाइट 3.3 फुट और वजन 22 किलो, AIIMS में हुई गर्भाशय कर बेहद नाजुक सर्जरी

डॉक्टरों के सामने क्या थी असल रुकावट? स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर रीता माहे की देखरेख में जब सर्जरी प्लान की गई, तो टीम के सामने दो मुख्य दिक्कतें थीं: पेट में जगह की कमी: 22 किलो वजन होने के कारण पेट के अंदर कैमरा और औजार घुमाने के लिए खाली जगह बहुत कम

रातभर जागकर रटा और सुबह दिमाग ब्लैंक? इस रिपोर्ट में छिपा है इम्तिहान में भूलने का असली कारण

इम्तिहान से ठीक पहले वाली रात जागकर पूरी किताब खत्म करने का अनुभव ज्यादातर लोगों ने कभी न कभी झेला ही होगा. यही हाल दफ्तर में अगले दिन होने वाली किसी बड़ी प्रेजेंटेशन से पहले होता है. रात के दो तीन बजे तक लगता है कि सब कुछ दिमाग में बैठ चुका है, लेकिन सुब

नॉर्मल BMI के बावजूद शरीर में बढ़ सकता है फैट, मेनोपॉज के बाद महिलाओं को क्यों बदलनी चाहिए फिटनेस स्ट्रैटेजी?

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि पहले जिस डाइट या एक्सरसाइज से आपका वजन झट से कम हो जाता था, अब उसका शरीर पर कोई असर नहीं दिख रहा? अगर आप उम्र के उस पड़ाव पर हैं जहां मेनोपॉज करीब है या शुरू हो चुका है, तो परेशान मत होइए। आपक